Maths Lesson Plan for B.Ed in Hindi | दैनिक पाठ योजना गणित

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Maths Lesson Plan for B.Ed

Maths Lesson Plan for B.Ed in Hindi: हेलो प्रिय बी.एड स्टूडेंट्स, आपका Education LiB की इस Maths Lesson Plan पोस्ट स्वागत हैं। B.Ed (Bachelor of Education) और अन्य शिक्षण पाठ्यक्रमों के दौरान गणित पाठ योजना (Maths Lesson Plan) तैयार करना छात्रों के लिए एक अनिवार्य कार्य होता है। एक सटीक पाठ योजना न केवल आपकी लेसन डायरी को प्रभावशाली बनाती है, बल्कि क्लास में पढ़ाते समय शिक्षक के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। EducationLiB.com इस विशेष पोस्ट में कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए एनसीईआरटी (NCERT) पाठ्यक्रम पर आधारित बेहतरीन 25 गणित लेसन प्लान्स उपलब्ध करा रहा हैं।

Education LiB इस पोस्ट में आपको त्रिभुज, संख्याओं को जानना, पूर्ण संख्याएँ और आकृतियों को समझना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan) उपलब्ध करा रहा हैं। प्रत्येक योजना में शिक्षण उद्देश्य, प्रस्तावना प्रश्न, प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन प्रश्नों को क्रमबद्ध तरीके से शामिल किया गया है। आप इन गणित डेली लेसन प्लान का उपयोग अपनी इंटर्नशिप डायरी तैयार करने के लिए कर सकते हैं और इनकी सहायता से प्रभावी शिक्षण कौशल विकसित कर सकते हैं। यह Maths Lesson Plan नये NCERT सिलेबस के अनुसार तैयार किये गए है।

“त्रिभुज” दैनिक पाठ योजना (गणित)

विद्यालय का नाम(स्कूल का नाम लिखें)
कक्षा6 / 7
दिनांक30 जनवरी, 2026
विषयगणित
प्रकरणत्रिभुज: परिभाषा, अंग एवं प्रकार

शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)

प्राप्य उद्देश्यअपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक(i) छात्र ‘त्रिभुज’ की मानक परिभाषा और इसके तीन शीर्षों, भुजाओं व कोणों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
(ii) छात्र त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों के कुल योग (180°) के सिद्धांत की पहचान करने में सक्षम होंगे।
2. अवबोधात्मक(i) छात्र भुजाओं और कोणों के आधार पर त्रिभुजों के विभिन्न प्रकारों के बीच तुलना करके अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
(ii) छात्र तीन सरल रेखाओं द्वारा घिरी बंद आकृति और खुली आकृति के बीच के अंतर की व्याख्या कर सकेंगे।
3. ज्ञानोपयोग(i) छात्र दी गई भुजाओं की लम्बाइयों का विश्लेषण करके यह निर्धारित कर सकेंगे कि उनसे त्रिभुज बनाना संभव है या नहीं।
(ii) छात्र त्रिभुज के गुणों का उपयोग करके अज्ञात कोणों के मान ज्ञात करने संबंधी समस्याओं को हल कर सकेंगे।
4. कौशलात्मक(i) छात्र स्केल और चाँदे की सहायता से विभिन्न मापों के सटीक त्रिभुज बनाने का ज्यामितीय कौशल विकसित करेंगे।
(ii) छात्र अपने परिवेश में त्रिभुजाकार वस्तुओं को खोजकर उन्हें उनके विशिष्ट प्रकारों में वर्गीकृत करने का कौशल सीखेंगे।
5. अभिरुच्यात्मक(i) छात्र पुलों के निर्माण और वास्तुकला में त्रिभुज की मजबूती व इसके महत्व को जानने में विशेष रुचि दिखाएंगे।
(ii) छात्र विभिन्न ज्यामितीय पहेलियों को त्रिभुज के सिद्धांतों के माध्यम से सुलझाने के प्रति जिज्ञासा प्रकट करेंगे।
6. अभिवृत्यात्मक(i) छात्र ज्यामितीय आकृतियों के निर्माण और मापन में वैज्ञानिक सटीकता और तार्किक सोच के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।
(ii) छात्र कठिन गणितीय प्रमेयों को सिद्ध करने के दौरान धैर्य और क्रमबद्ध कार्य करने की आदत विकसित करेंगे।

शिक्षण विधि: प्रदर्शन विधि, आगमन-निगमन विधि, प्रश्नोत्तर विधि।

शिक्षण सहायक सामग्री: स्केल, चाँदा (Protractor), मॉडल, चॉक, डस्टर।

पूर्वज्ञान: छात्र बिंदु, रेखाखंड और कोणों की सामान्य जानकारी रखते हैं।


प्रस्तावना प्रश्न (Introductory Questions)

क्र. सं.छात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँ
1तीन बिंदुओं को मिलाने पर कौन सी आकृति बनती है?रेखाखंड या त्रिभुज।
2तीन सरल रेखाओं से घिरी बंद आकृति को क्या कहते हैं?त्रिभुज (Triangle)।
3त्रिभुज में कुल कितनी भुजाएँ और कितने कोण होते हैं?तीन भुजाएँ और तीन कोण।
4क्या आप जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग कितना होता है?180 डिग्री।
5भुजाओं और कोणों के आधार पर त्रिभुज के कौन-कौन से प्रकार होते हैं?समस्यात्मक (मौन)।

उद्देश्य कथन

“बच्चों, आज हम गणित की एक महत्वपूर्ण आकृति ‘त्रिभुज’ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके विभिन्न अंगों तथा प्रकारों को समझेंगे।”


प्रस्तुतीकरण (Presentation)

शिक्षण बिन्दुछात्राध्यापक क्रियाएँविद्यार्थी क्रियाएँश्यामपट्ट कार्य
1. त्रिभुज की परिभाषा एवं अंगविकासात्मक प्रश्न:
1. त्रिभुज बनाने के लिए कम से कम कितनी रेखाओं की आवश्यकता है?  
2. त्रिभुज एक बंद आकृति है या खुली?  
3. इसके कोनों को गणित में क्या कहते हैं?
1. तीन रेखाएँ।  


2. बंद आकृति।

3. संभावित उत्तर।
परिभाषा: तीन सरल रेखाखंडों से घिरी बंद आकृति त्रिभुज कहलाती है। योग: 180°
छात्राध्यापक कथन: त्रिभुज ज्यामिति की सबसे सरल और महत्वपूर्ण बहुभुज आकृति है। इसमें तीन भुजाएँ, तीन शीर्ष (Vertices) और तीन आंतरिक कोण होते हैं। त्रिभुज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180 डिग्री होता है। इसे ग्रीक अक्षर ‘डेल्टा’ (Δ) के चिन्ह से प्रदर्शित किया जाता है और इसका नाम इसके शीर्षों (जैसे Δ ABC) के आधार पर रखा जाता है।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे।
बोध प्रश्न:
1. त्रिभुज में कितने शीर्ष होते हैं?
2. त्रिभुज के तीनों कोणों का योग कितना होता है?
उत्तर:
1. तीन।

2. 180°।
2. भुजाओं के आधार पर प्रकारविकासात्मक प्रश्न:
1. यदि त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर हों, तो उसे क्या कहेंगे?
2. दो भुजाएँ बराबर होने पर त्रिभुज का नाम क्या होगा?
3. जिसकी कोई भुजा बराबर न हो, वह कैसा त्रिभुज है?
1. समबाहु।  

2. समद्विबाहु।

3. संभावित उत्तर।
प्रकार (भुजा): 1. समबाहु 2. समद्विबाहु 3. विषमबाहु
छात्राध्यापक कथन: भुजाओं की लम्बाई के आधार पर त्रिभुज तीन प्रकार के होते हैं। ‘समबाहु त्रिभुज’ वह है जिसकी तीनों भुजाएँ और तीनों कोण (60° प्रत्येक) बराबर होते हैं। ‘समद्विबाहु त्रिभुज’ में केवल दो भुजाएँ और उनके सामने के कोण बराबर होते हैं। अंत में, ‘विषमबाहु त्रिभुज’ वह होता है जिसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई अलग-अलग होती है और इसके तीनों कोण भी भिन्न होते हैं।छात्र मुख्य बिंदु लिखेंगे।
बोध प्रश्न:
1. समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण कितने डिग्री का होता है?
2. विषमबाहु त्रिभुज की कितनी भुजाएँ समान होती हैं?
उत्तर:
1. 60°।  

2. एक भी नहीं।
3. कोणों के आधार पर प्रकारविकासात्मक प्रश्न:
1. यदि एक कोण 90° का हो, तो वह कैसा त्रिभुज है?
2. 90° से कम वाले कोणों के त्रिभुज को क्या कहते हैं?
3. 90° से अधिक कोण वाले त्रिभुज का नाम क्या है?
1. समकोण त्रिभुज।

2. न्यूनकोण त्रिभुज।

3. संभावित उत्तर।
प्रकार (कोण):
1. न्यूनकोण (< 90°)
2. समकोण (= 90°) 3. अधिककोण (> 90°)
छात्राध्यापक कथन: कोणों की माप के आधार पर भी त्रिभुज तीन प्रकार के होते हैं। ‘न्यूनकोण त्रिभुज’ के तीनों कोण 90° से कम होते हैं। ‘समकोण त्रिभुज’ में एक कोण ठीक 90° का होता है, जो इसे निर्माण कार्यों में बहुत उपयोगी बनाता है। ‘अधिककोण त्रिभुज’ वह होता है जिसका कोई एक कोण 90° से अधिक और 180° से कम होता है। किसी भी त्रिभुज में एक से अधिक समकोण या अधिककोण नहीं हो सकते।छात्र चर्चा में भाग लेंगे।
बोध प्रश्न:
1. क्या एक त्रिभुज में दो समकोण हो सकते हैं?
2. अधिककोण त्रिभुज का एक कोण कितने से अधिक होता है?
उत्तर:
1. नहीं।  

2. 90° से अधिक।

मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)

A. बहुविषयक प्रश्न (MCQs):

  1. एक त्रिभुज जिसके तीनों कोण 60°, 60° और 60° हैं, वह कहलाएगा:

(अ) समकोण (ब) विषमबाहु (स) समबाहु (द) अधिककोण

  1. समकोण त्रिभुज में एक कोण का मान निश्चित रूप से होता है:

(अ) 45° (ब) 90° (स) 180° (द) 360°

B. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:

  1. त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से हमेशा …………………….. होता है।

C. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:

  1. त्रिभुज को प्रदर्शित करने के लिए किस गणितीय चिन्ह का प्रयोग किया जाता है?
  2. यदि किसी त्रिभुज के दो कोण 50° और 60° हैं, तो तीसरा कोण क्या होगा? (उत्तर: 70°)

गृहकार्य (Homework)

  1. भुजाओं और कोणों के आधार पर त्रिभुज के वर्गीकरण की एक विस्तृत तालिका बनाइए।
  2. स्केल और चाँदे की सहायता से एक समकोण त्रिभुज और एक समबाहु त्रिभुज का निर्माण कीजिए।

पर्यवेक्षक टिप्पणी…

Maths 25 Daily Lesson Plan
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“संख्याओं को जानना” दैनिक पाठ योजना (गणित)

विद्यालय का नाम(स्कूल का नाम लिखें)
कक्षा6
विषयगणित
प्रकरणअपनी संख्याओं को जानना: तुलना, भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पद्धति

शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)

प्राप्य उद्देश्यअपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक(i) छात्र संख्याओं की तुलना करने के नियमों और उनके स्थानीय मान (Place Value) का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
(ii) छात्र भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति के बीच के बुनियादी अंतरों की पहचान करने में सक्षम होंगे।
2. अवबोधात्मक(i) छात्र दी गई संख्याओं के समूह को आरोही (Ascending) और अवरोही (Descending) क्रम में व्यवस्थित करने की व्याख्या कर सकेंगे।
(ii) छात्र बड़ी संख्याओं को पढ़ने और लिखने के लिए अल्पविराम (Commas) के सही उपयोग के महत्व को स्पष्ट कर सकेंगे।
3. ज्ञानोपयोग(i) छात्र वास्तविक जीवन की बड़ी गणनाओं (जैसे जनसंख्या या बजट) को समझने और उन्हें शब्दों में लिखने का अभ्यास कर सकेंगे।
(ii) छात्र दैनिक जीवन में वस्तुओं की संख्या की तुलना करके सबसे बड़ी और सबसे छोटी संख्या का चयन करने में सक्षम होंगे।
4. कौशलात्मक(i) छात्र स्थानीय मान सारणी (Place Value Chart) बनाने और उसमें अंकों को सही स्थान पर व्यवस्थित करने का कौशल सीखेंगे।
(ii) छात्र दी गई स्थितियों के आधार पर अंकों का स्थान बदलकर नई संख्याएँ बनाने का गणितीय कौशल विकसित करेंगे।
5. अभिरुच्यात्मक(i) छात्र गणितीय पहेलियों और बड़ी संख्याओं के रोचक तथ्यों को जानने में विशेष रुचि दिखाएंगे।
(ii) छात्र विभिन्न देशों की संख्या प्रणालियों और उनके बोलने के तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के प्रति जिज्ञासा प्रकट करेंगे।
6. अभिवृत्यात्मक(i) छात्र गणितीय गणनाओं में सटीकता, शुद्धता और क्रमबद्धता बनाए रखने के प्रति एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करेंगे।
(ii) छात्र बड़ी संख्याओं के जटिल सवालों को हल करते समय धैर्य और तार्किक सोच की आदत अपने व्यवहार में डालेंगे।

शिक्षण विधि: अभ्यास विधि, प्रदर्शन विधि, प्रश्नोत्तर विधि।

शिक्षण सहायक सामग्री: स्थानीय मान चार्ट, नंबर फ्लैश कार्ड्स, श्यामपट्ट, चॉक, डस्टर।

पूर्वज्ञान: छात्र एक से तीन अंकों वाली संख्याओं को पढ़ना और लिखना जानते हैं।


प्रस्तावना प्रश्न (Introductory Questions)

क्र. सं.छात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँ
1हमारे हाथ में कितनी अंगुलियाँ हैं?दस।
2दो अंकों की सबसे बड़ी संख्या कौन सी है?निन्यानवे (99)।
3यदि हम 99 में 1 जोड़ दें, तो क्या प्राप्त होगा?सौ (100)।
4क्या आप जानते हैं कि हज़ारों और लाखों वाली बड़ी संख्याओं को कैसे पढ़ा जाता है?आंशिक उत्तर / नहीं।
5भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में बड़ी संख्याओं को लिखने के क्या नियम हैं?समस्यात्मक (मौन)।

उद्देश्य कथन

“बच्चों, आज हम गणित के अंतर्गत ‘अपनी संख्याओं को जानना’ प्रकरण के माध्यम से संख्याओं की तुलना करना, उन्हें क्रम में लगाना और भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय पद्धतियों में लिखना सीखेंगे।”


प्रस्तुतीकरण (Presentation)

शिक्षण बिन्दुछात्राध्यापक क्रियाएँविद्यार्थी क्रियाएँश्यामपट्ट कार्य
1. संख्याओं की तुलना एवं क्रमविकासात्मक प्रश्न:
1. 542 और 98 में से कौन सी संख्या बड़ी है?
2. संख्याओं को छोटे से बड़े के क्रम में लिखना क्या कहलाता है?
3. यदि अंकों की संख्या समान हो, तो तुलना कैसे करेंगे?
1. 542 बड़ी है।


2. आरोही क्रम।

3. संभावित उत्तर।
तुलना नियम:
1. अधिक अंकों वाली संख्या बड़ी।
2. समान अंक होने पर बाएं से दाएं तुलना।
छात्राध्यापक कथन: संख्याओं की तुलना करने के लिए सबसे पहले उनके अंकों की संख्या देखी जाती है। जिस संख्या में अंक अधिक होते हैं, वह बड़ी होती है। यदि अंकों की संख्या समान हो, तो हम सबसे बाएं स्थान वाले अंक की तुलना करते हैं। इसी आधार पर हम संख्याओं को ‘आरोही क्रम’ (छोटे से बड़ा) और ‘अवरोही क्रम’ (बड़े से छोटा) में व्यवस्थित करते हैं।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे।
बोध प्रश्न:
1. 9745 और 9748 में से बड़ी संख्या कौन सी है?
2. अवरोही क्रम का क्या अर्थ है?
उत्तर:
1. 9748।

2. बड़े से छोटा क्रम।
2. भारतीय संख्यांकन पद्धतिविकासात्मक प्रश्न:
1. भारतीय पद्धति में 1000 के बाद क्या आता है?
2. इसमें पहला अल्पविराम (Comma) कितने अंकों के बाद लगता है?
3. 1 लाख में कितने शून्य होते हैं?
1. दस हजार।  

2. तीन अंकों के बाद।

3. संभावित उत्तर।
भारतीय पद्धति: इकाई, दहाई, सैकड़ा, हज़ार, दस हज़ार, लाख, दस लाख…
छात्राध्यापक कथन: भारतीय संख्यांकन पद्धति में हम इकाई, दहाई, सैकड़ा, हज़ार, दस हज़ार, लाख, दस लाख और करोड़ का उपयोग करते हैं। संख्याओं को आसानी से पढ़ने के लिए अल्पविरामों का प्रयोग किया जाता है। पहला अल्पविराम दाएं से तीसरे अंक (सैकड़े) के बाद आता है, और उसके बाद प्रत्येक दो अंकों (हज़ार और लाख) के बाद अल्पविराम लगाए जाते हैं।छात्र मुख्य बिंदु लिखेंगे।
बोध प्रश्न:
1. भारतीय पद्धति में 1 करोड़ में कितने लाख होते हैं?
2. संख्या 5,08,21,500 को शब्दों में क्या कहेंगे?
उत्तर:    
1. 100 लाख।

2. पाँच करोड़ आठ लाख इक्कीस हजार पाँच सौ।
3. अंतर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धतिविकासात्मक प्रश्न:
1. विदेशों में ‘लाख’ की जगह किस शब्द का प्रयोग होता है?
2. 1 मिलियन में कितने हजार होते हैं?  
3. इसमें अल्पविराम कितने-कितने अंकों के बाद लगते हैं?
1. मिलियन (Million)।

2. 1000 हजार।

3. संभावित उत्तर।
अंतर्राष्ट्रीय पद्धति: Ones, Thousands, Millions, Billions…
छात्राध्यापक कथन: अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में इकाई, हज़ार और मिलियन का उपयोग होता है। यहाँ ‘लाख’ का प्रयोग नहीं किया जाता। इस पद्धति में अल्पविराम दाएं से शुरू करके प्रत्येक तीन अंकों के बाद लगाए जाते हैं। जैसे 1 मिलियन का अर्थ है एक के बाद छह शून्य (1,000,000)। यह पद्धति पूरे विश्व में व्यापार और विज्ञान के क्षेत्र में अधिक प्रचलित है।छात्र चर्चा में भाग लेंगे।
बोध प्रश्न: 1.
1 मिलियन, भारतीय पद्धति के कितने लाख के बराबर है?
2. अंतर्राष्ट्रीय पद्धति में अल्पविराम कितने अंकों के बाद लगता है?
उत्तर:
1. 10 लाख।  

2. प्रत्येक तीन अंकों के बाद।

मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)

A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. 1 करोड़ में कितने मिलियन होते हैं?

(अ) 1 मिलियन (ब) 10 मिलियन (स) 100 मिलियन (द) 0.1 मिलियन

  1. संख्या 9,99,99,999 की अगली संख्या (Successor) क्या होगी?

(अ) 9 करोड़ (ब) 10 करोड़ (स) 1 करोड़ (द) 99 लाख

B. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:

  1. भारतीय पद्धति में पहला अल्पविराम दाएं से …………………….. अंकों के बाद लगता है।

C. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:

  1. ‘मिलियन’ और ‘बिलियन’ शब्द किस पद्धति से संबंधित हैं?
  2. अंकों 4, 0, 3, 7 का प्रयोग करके चार अंकों की सबसे बड़ी संख्या बनाइए। (उत्तर: 7430)

गृहकार्य (Homework)

  1. भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संख्यांकन पद्धति के बीच मुख्य अंतरों की एक तुलनात्मक सारणी बनाइए।
  2. निम्नलिखित संख्याओं में उचित स्थान पर अल्पविराम लगाइए और उन्हें दोनों पद्धतियों में शब्दों में लिखिए: (i) 87595762 (ii) 78921092

पर्यवेक्षक टिप्पणी…

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“पूर्ण संख्याएँ” दैनिक पाठ योजना (गणित)

विद्यालय का नाम(स्कूल का नाम लिखें)
कक्षा6
विषयगणित
प्रकरणपूर्ण संख्याएँ: अवधारणा, पूर्ववर्ती, परवर्ती एवं संख्या रेखा

शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)

प्राप्य उद्देश्यअपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक(i) छात्र प्राकृत संख्याओं और ‘पूर्ण संख्याओं’ की परिभाषाओं का सही ढंग से प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
(ii) छात्र शून्य (0) के महत्व और पूर्ण संख्या समूह में इसकी विशिष्ट स्थिति की पहचान करने में सक्षम होंगे।
2. अवबोधात्मक(i) छात्र प्राकृत संख्या और पूर्ण संख्या के समूहों के बीच के बुनियादी अंतर की व्याख्या करने में सक्षम होंगे।
(ii) छात्र ‘पूर्ववर्ती’ (Predecessor) और ‘परवर्ती’ (Successor) की अवधारणाओं के बीच के संबंधों को स्पष्ट कर सकेंगे।
3. ज्ञानोपयोग(i) छात्र पूर्ण संख्याओं के गुणों का उपयोग करके दैनिक जीवन की गणनाओं को सरल और तीव्र बनाने में सक्षम होंगे।
(ii) छात्र संख्या रेखा का उपयोग करके पूर्ण संख्याओं के योग, घटाव और गुणा की प्रक्रियाओं को हल कर सकेंगे।
4. कौशलात्मक(i) छात्र पैमाने (Scale) की सहायता से एक सटीक संख्या रेखा बनाने और उस पर अंकों को अंकित करने का कौशल सीखेंगे।
(ii) छात्र पूर्ण संख्याओं के विभिन्न प्रतिरूपों (Patterns) को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का गणितीय कौशल विकसित करेंगे।
5. अभिरुच्यात्मक(i) छात्र संख्या प्रणालियों के इतिहास और शून्य के आविष्कार से जुड़े रोचक तथ्यों को पढ़ने में विशेष रुचि दिखाएंगे।
(ii) छात्र गणितीय खेलों और पहेलियों के माध्यम से पूर्ण संख्याओं की नई विशेषताओं को खोजने के प्रति जिज्ञासा प्रकट करेंगे।
6. अभिवृत्यात्मक(i) छात्र गणितीय संक्रियाओं को हल करते समय शुद्धता, तार्किकता और क्रमबद्धता के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।
(ii) छात्र गणितीय समस्याओं के समाधान के दौरान धैर्य और एकाग्रता के साथ कार्य करने की आदत अपने व्यवहार में डालेंगे।

शिक्षण विधि: आगमनात्मक-निगमनात्मक विधि, प्रदर्शन विधि, प्रश्नोत्तर विधि।

शिक्षण सहायक सामग्री: संख्या रेखा का चार्ट, नंबर कार्ड्स, चॉक, डस्टर, पैमाना।

पूर्वज्ञान: छात्र गिनती वाली संख्याओं (प्राकृत संख्याओं) और सामान्य जोड़-घटाव से परिचित हैं।


प्रस्तावना प्रश्न (Introductory Questions)

क्र. सं.छात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँ
1गिनती शुरू करने के लिए हम किन अंकों का प्रयोग करते हैं?1, 2, 3, 4, 5…
2इन गिनती वाली संख्याओं को गणित में क्या कहा जाता है?प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers)।
3यदि आपके पास 5 टॉफियाँ हैं और आपने पाँचों खा लीं, तो कितनी बचीं?शून्य (0)।
4क्या प्राकृत संख्याओं के समूह में शून्य शामिल है?नहीं।
5जब प्राकृत संख्याओं में शून्य को भी शामिल कर लिया जाए, तो उन संख्याओं को क्या कहते हैं?समस्यात्मक (मौन)।

उद्देश्य कथन

“बच्चों, आज हम गणित के अंतर्गत ‘पूर्ण संख्याएँ’ प्रकरण के माध्यम से शून्य की भूमिका, पूर्ववर्ती व परवर्ती संख्याओं और संख्या रेखा पर संक्रियाओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे।”


प्रस्तुतीकरण (Presentation)

शिक्षण बिन्दुछात्राध्यापक क्रियाएँविद्यार्थी क्रियाएँश्यामपट्ट कार्य
1. पूर्ण संख्याओं की अवधारणाविकासात्मक प्रश्न:
1. सबसे छोटी प्राकृत संख्या कौन सी है?  
2. क्या 1 का कोई प्राकृत पूर्ववर्ती होता है?
3. शून्य और प्राकृत संख्याओं का संग्रह क्या कहलाता है?
1. एक (1)।

2. नहीं।  

3. संभावित उत्तर।
पूर्ण संख्याएँ (W): {0, 1, 2, 3, 4, …}   – सबसे छोटी पूर्ण संख्या = 0
छात्राध्यापक कथन: हम जानते हैं कि 1 से शुरू होने वाली गिनती की संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ कहलाती हैं। यदि हम प्राकृत संख्याओं के इस संग्रह में ‘शून्य’ (0) को भी सम्मिलित कर लें, तो प्राप्त होने वाला नया संग्रह ‘पूर्ण संख्याओं’ (Whole Numbers) का कहलाता है। अतः, प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है, लेकिन प्रत्येक पूर्ण संख्या प्राकृत संख्या नहीं होती क्योंकि 0 प्राकृत संख्या नहीं है।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे।
बोध प्रश्न:
1. क्या सभी प्राकृत संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ हैं?
2. सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन सी है?
उत्तर:
1. हाँ।  

2. शून्य (0)।
2. पूर्ववर्ती और परवर्तीविकासात्मक प्रश्न:
1. संख्या 15 के ठीक बाद कौन सी संख्या आती है?
2. किसी संख्या में 1 घटाने पर क्या प्राप्त होता है?
3. क्या 0 का कोई पूर्ण संख्या पूर्ववर्ती है?
1. सोलह (16)।

2. पूर्ववर्ती।  

3. संभावित उत्तर।
परवर्ती (Successor): संख्या + 1 पूर्ववर्ती (Predecessor): संख्या – 1
छात्राध्यापक कथन: किसी भी पूर्ण संख्या में 1 जोड़ने पर हमें उसकी अगली संख्या प्राप्त होती है, जिसे ‘परवर्ती’ (Successor) कहते हैं। इसी प्रकार, किसी संख्या में से 1 घटाने पर (शून्य को छोड़कर) हमें उसकी पिछली संख्या प्राप्त होती है जिसे ‘पूर्ववर्ती’ (Predecessor) कहते हैं। पूर्ण संख्या 0 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता क्योंकि 0 से छोटी कोई पूर्ण संख्या नहीं है।छात्र मुख्य बिंदु लिखेंगे।
बोध प्रश्न:
1. 1000 का पूर्ववर्ती क्या होगा?
2. क्या 1 का कोई पूर्ण संख्या पूर्ववर्ती है?
उत्तर:
1. 999।

2. हाँ, शून्य (0)।
3. संख्या रेखा पर संक्रियाएँविकासात्मक प्रश्न:
1. संख्या रेखा किस अंक से शुरू होती है?
2. संख्या रेखा पर दाईं ओर बढ़ने पर संख्या का मान बढ़ता है या घटता है?
3. संख्या रेखा पर योग और गुणा कैसे करते हैं?
1. शून्य (0) से।

2. बढ़ता है।  

3. संभावित उत्तर।
संख्या रेखा: – योग: दाईं ओर कदम – घटाव: बाईं ओर कदम – गुणा: समान दूरी की छलाँग
छात्राध्यापक कथन: एक सीधी रेखा जिस पर समान दूरियों पर पूर्ण संख्याओं को अंकित किया जाता है, ‘संख्या रेखा’ कहलाती है। इस पर योग करने के लिए हम दाईं ओर बढ़ते हैं और घटाव के लिए बाईं ओर चलते हैं। गुणा करने के लिए हम शून्य से शुरू करके दी गई संख्या के बराबर की छलाँगें लगाते हैं। संख्या रेखा हमें संख्याओं के बीच की दूरी और उनके परिमाण को समझने में मदद करती है।छात्र चर्चा में भाग लेंगे।
बोध प्रश्न:
1. संख्या रेखा पर 3+4 करने के लिए 3 से किस ओर चलेंगे?
2. संख्या रेखा पर दो अंकों के बीच की दूरी क्या कहलाती है?
उत्तर:  
1. दाईं ओर।  

2. मात्रक दूरी (Unit distance)।

मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)

A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. निम्नलिखित में से कौन सी एक पूर्ण संख्या है लेकिन प्राकृत संख्या नहीं है?

(अ) 1 (ब) 0 (स) 100 (द) 5

  1. संख्या 100 का परवर्ती (Successor) क्या होगा?

(अ) 99 (ब) 101 (स) 100 (द) 0

B. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:

  1. पूर्ण संख्या …………………….. का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता है।

C. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:

  1. प्रथम पाँच पूर्ण संख्याओं का समूह लिखिए।
  2. संख्या रेखा पर 4 x 2 का मान क्या होगा? (उत्तर: 8)

गृहकार्य (Homework)

  1. प्राकृत संख्याओं और पूर्ण संख्याओं के बीच किन्हीं तीन मुख्य अंतरों को स्पष्ट कीजिए।
  2. एक संख्या रेखा खींचिए और उस पर निम्नलिखित संक्रियाओं को दर्शाइए: (i) 2 + 5 (ii) 7 – 3 (iii) 2 x 3

पर्यवेक्षक टिप्पणी…

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“आकारों को समझना” दैनिक पाठ योजना (गणित)

विद्यालय का नाम(स्कूल का नाम लिखें)
कक्षा6
विषयगणित
प्रकरणआकारों को समझना: द्विविमीय (2D) एवं त्रिविमीय (3D) आकृतियाँ

शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)

प्राप्य उद्देश्यअपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक(i) छात्र विभिन्न प्रकार की द्विविमीय और त्रिविमीय आकृतियों की परिभाषाओं और उनके गुणों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। (ii) छात्र आकृतियों के अंगों जैसे शीर्ष, किनारे और फलक (Faces) के तकनीकी नामों की पहचान करने में सक्षम होंगे।
2. अवबोधात्मक(i) छात्र द्विविमीय (2D) और त्रिविमीय (3D) आकृतियों के बीच के बुनियादी अंतर की उदाहरणों सहित व्याख्या कर सकेंगे।
(ii) छात्र विभिन्न आकृतियों के बीच उनके कोणों और भुजाओं के आधार पर समानता और असमानता को स्पष्ट कर सकेंगे।
3. ज्ञानोपयोग(i) छात्र अपने आसपास की दैनिक वस्तुओं (जैसे डिब्बे, गेंद) को उनके सही ज्यामितीय आकार में वर्गीकृत करने में सक्षम होंगे।
(ii) छात्र ज्यामितीय उपकरणों का उपयोग करके दी गई मापों के अनुसार विभिन्न आकृतियों का निर्माण करने की क्षमता विकसित करेंगे।
4. कौशलात्मक(i) छात्र ठोस आकृतियों के जाल (Nets) बनाने और उनसे 3D मॉडल तैयार करने का क्रियात्मक कौशल सीखेंगे।
(ii) छात्र आकृतियों के फलकों, किनारों और शीर्षों की गणना करने के लिए गणितीय तालिका बनाने का कौशल विकसित करेंगे।
5. अभिरुच्यात्मक(i) छात्र स्थापत्य कला (Architecture) और कलाकृतियों में ज्यामितीय आकारों के उपयोग को जानने और सराहने में रुचि दिखाएंगे।
(ii) छात्र ज्यामितीय पहेलियों और मॉडलों के माध्यम से आकारों के नए प्रतिरूपों को खोजने के प्रति जिज्ञासा प्रकट करेंगे।
6. अभिवृत्यात्मक(i) छात्र ज्यामितीय रचनाओं में सटीकता, स्वच्छता और वैज्ञानिक मापन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करेंगे।
(ii) छात्र गणितीय आकृतियों के जटिल संबंधों को समझने के दौरान धैर्य, एकाग्रता और तार्किक चिंतन की आदत डालेंगे।

शिक्षण विधि: प्रदर्शन विधि, आगमनात्मक-निगमनात्मक विधि, प्रश्नोत्तर विधि।

शिक्षण सहायक सामग्री: ज्यामितीय आकृतियों के मॉडल (घन, गोला, शंकु), चार्ट, चॉक, डस्टर।

पूर्वज्ञान: छात्र सरल आकृतियों जैसे त्रिभुज, वर्ग और वृत्त से सामान्य रूप से परिचित हैं।


प्रस्तावना प्रश्न (Introductory Questions)

क्र. सं.छात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँ
1कागज पर खींची गई तीन भुजाओं वाली बंद आकृति क्या है?त्रिभुज।
2आपके पास मौजूद गणित की पुस्तक का आकार कैसा है?आयताकार / घनाभाकार।
3त्रिभुज और पुस्तक के आकार में मुख्य अंतर क्या है?त्रिभुज चपटा है, पुस्तक मोटी है।
4चपटी आकृतियों और ठोस आकृतियों को गणित में किन श्रेणियों में बाँटा जाता है?2D और 3D में।
5द्विविमीय (2D) और त्रिविमीय (3D) आकारों के गुण और उनकी पहचान कैसे की जाती है?समस्यात्मक (मौन)।

उद्देश्य कथन

“बच्चों, आज हम गणित के अंतर्गत ‘आकारों को समझना’ प्रकरण के माध्यम से 2D और 3D आकृतियों के लक्षणों, उनके अंगों और वास्तविक जीवन में उनके महत्व का विस्तार से अध्ययन करेंगे।”


प्रस्तुतीकरण (Presentation)

शिक्षण बिन्दुछात्राध्यापक क्रियाएँविद्यार्थी क्रियाएँश्यामपट्ट कार्य
1. द्विविमीय (2D) आकृतियाँविकासात्मक प्रश्न:
1. आयत में कितनी भुजाएँ होती हैं?  
2. क्या हम किसी चित्र (Drawing) को हाथ में पकड़ सकते हैं?
3. द्विविमीय आकृतियों के कौन से दो आयाम होते हैं?
1. चार भुजाएँ।

2. नहीं।  

3. संभावित उत्तर।
2D आकृतियाँ: – केवल लंबाई और चौड़ाई। – समतल आकृतियाँ। – उदाहरण: वर्ग, वृत्त।
छात्राध्यापक कथन: द्विविमीय या 2D आकृतियाँ वे होती हैं जिनकी केवल लंबाई और चौड़ाई होती है, इनकी कोई मोटाई या गहराई नहीं होती। ये आकृतियाँ समतल सतह पर खींची जाती हैं, जैसे कागज पर बना वर्ग, आयत, त्रिभुज या वृत्त। इन्हें ‘समतल आकृतियाँ’ भी कहा जाता है क्योंकि ये केवल एक ही तल (Plane) में समाहित होती हैं।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे।
बोध प्रश्न:
1. किसी एक 2D आकृति का नाम बताइए।
2. क्या 2D आकृतियों में आयतन (Volume) होता है?
उत्तर:
1. त्रिभुज / वृत्त।

2. नहीं।
2. त्रिविमीय (3D) आकृतियाँविकासात्मक प्रश्न:
1. क्रिकेट की गेंद का आकार कैसा है?  
2. क्या ईंट एक समतल आकृति है?  
3. उन आकृतियों को क्या कहते हैं जिनमें लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों हों?
1. गोल (गोला)।

2. नहीं, वह ठोस है।

3. संभावित उत्तर।
3D आकृतियाँ: – लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई। – ठोस आकृतियाँ। – उदाहरण: घन, बेलन।
छात्राध्यापक कथन: त्रिविमीय या 3D आकृतियाँ वे ठोस आकृतियाँ होती हैं जिनके तीन आयाम होते हैं: लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई (या गहराई)। ये आकृतियाँ स्थान घेरती हैं और इनमें आयतन होता है। हमारे आसपास की अधिकांश वस्तुएं जैसे अलमारी (घनाभ), आइसक्रीम कोन (शंकु), पाइप (बेलन) और फुटबॉल (गोला) 3D आकृतियों के उदाहरण हैं।छात्र मुख्य बिंदु लिखेंगे।
बोध प्रश्न:
1. घनाभ (Cuboid) में कितने आयाम होते हैं?
2. जोकर की टोपी किस आकार की होती है?
उत्तर:
1. तीन (3)।  

2. शंकु (Cone)।
3. आकृतियों के अंग: फलक, किनारे और शीर्षविकासात्मक प्रश्न:
1. एक पासे (Dice) की कितनी सतहें होती हैं?
2. जहाँ दो सतहें मिलती हैं, उस रेखा को क्या कहते हैं?
3. आकृतियों के कोनों को क्या नाम दिया गया है?
1. छह (6) सतहें।

2. किनारा (Edge)।

3. संभावित उत्तर।
ठोस के अंग:
1. फलक (Face) – सपाट सतह
2. किनारा (Edge) – मिलन रेखा
3. शीर्ष (Vertex) – कोना
छात्राध्यापक कथन: किसी भी ठोस (3D) आकृति की सपाट सतहों को ‘फलक’ (Faces) कहा जाता है। जहाँ दो फलक आपस में मिलते हैं, उस रेखाखंड को ‘किनारा’ (Edge) कहते हैं, और जहाँ तीन या अधिक किनारे आपस में मिलते हैं, उस बिंदु को ‘शीर्ष’ (Vertex) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, एक घन (Cube) में 6 फलक, 12 किनारे और 8 शीर्ष होते हैं।छात्र चर्चा में भाग लेंगे।
बोध प्रश्न:
1. एक फलक क्या है?  
2. एक घन में कितने शीर्ष होते हैं?
उत्तर:
1. ठोस की सपाट सतह।

2. आठ (8)।

मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)

A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. निम्नलिखित में से कौन सी एक त्रिविमीय (3D) आकृति है?

(अ) वृत्त (ब) आयत (स) गोला (द) त्रिभुज

  1. एक बेलन (Cylinder) में कितने वृत्ताकार फलक होते हैं?

(अ) 1 (ब) 2 (स) 3 (द) 0

B. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:

  1. एक आयत (Rectangle) एक …………………….. विमीय आकृति है।

C. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:

  1. ‘शीर्ष’ (Vertex) की परिभाषा दीजिए।
  2. ईंट किस ज्यामितीय आकार का उदाहरण है? (उत्तर: घनाभ)

गृहकार्य (Homework)

  1. अपने घर में उपलब्ध किन्हीं पाँच वस्तुओं के नाम लिखिए और उनके ज्यामितीय आकार (3D shape) की पहचान कीजिए।
  2. एक तालिका बनाइए जिसमें घन, घनाभ और शंकु के फलकों, किनारों और शीर्षों की संख्या लिखी हो।

पर्यवेक्षक टिप्पणी…

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“दशमलव” दैनिक पाठ योजना (गणित)

विद्यालय का नाम(स्कूल का नाम लिखें)
कक्षा6
विषयगणित
प्रकरणदशमलव: अवधारणा, दशांश और स्थानीय मान

शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)

प्राप्य उद्देश्यअपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1. ज्ञानात्मक(i) छात्र ‘दशमलव’ की परिभाषा और दशमलव बिंदु (.) के महत्व का सही ढंग से प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
(ii) छात्र दशमलव संख्या के विभिन्न भागों (पूर्णांक भाग और दशमलव भाग) की पहचान करने में सक्षम होंगे।
2. अवबोधात्मक(i) छात्र साधारण भिन्न और दशमलव संख्या के बीच के अंतर्संबंधों की व्याख्या उदाहरणों सहित कर सकेंगे।
(ii) छात्र दशमलव के बाद के स्थानों जैसे दशांश (Tenths) और शतांश (Hundredths) के मानों के बीच अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
3. ज्ञानोपयोग(i) छात्र दशमलव के ज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन की गणनाओं जैसे मुद्रा (रुपये-पैसे) और माप (किमी-मीटर) में कर सकेंगे।
(ii) छात्र दी गई दशमलव संख्याओं की तुलना करके उन्हें आरोही और अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने की क्षमता विकसित करेंगे।
4. कौशलात्मक(i) छात्र दशमलव संख्याओं को स्थानीय मान सारणी (Place Value Chart) में शुद्धता के साथ अंकित करने का कौशल सीखेंगे।
(ii) छात्र दी गई भिन्नों को दशमलव में और दशमलव को भिन्नों के सरलतम रूप में बदलने का गणितीय कौशल विकसित करेंगे।
5. अभिरुच्यात्मक(i) छात्र विज्ञान और सांख्यिकी के क्षेत्र में दशमलव की उपयोगिता और सटीक मापन के महत्व को जानने में रुचि दिखाएंगे।
(ii) छात्र गणितीय पहेलियों और प्रतिरूपों के माध्यम से दशमलव के नए गुणों को खोजने के प्रति जिज्ञासा प्रकट करेंगे।
6. अभिवृत्यात्मक(i) छात्र दशमलव संक्रियाओं को हल करते समय गणितीय सटीकता, स्वच्छता और तार्किकता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।
(ii) छात्र दशमलव के जटिल सवालों को हल करने के दौरान धैर्य और एकाग्रता के साथ कार्य करने की आदत विकसित करेंगे।

शिक्षण विधि: प्रदर्शन विधि, अभ्यास विधि, प्रश्नोत्तर विधि।

शिक्षण सहायक सामग्री: स्थानीय मान चार्ट (दशमलव सहित), ग्रिड पेपर, चॉक, डस्टर।

पूर्वज्ञान: छात्र साधारण भिन्न (Fractions) और पूर्ण संख्याओं के स्थानीय मान से परिचित हैं।


प्रस्तावना प्रश्न (Introductory Questions)

क्र. सं.छात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँ
1यदि हम 1 रुपये को 10 लोगों में बराबर बाँटें, तो एक को कितना मिलेगा?1/10 भाग।
2क्या हम 1/10 को किसी और तरीके से लिख सकते हैं जिसमें बिंदु का प्रयोग हो?0.1
3संख्या 2.5 में जो छोटा बिंदु है, उसे गणित में क्या कहते हैं?दशमलव बिंदु।
4दशमलव संख्याओं का स्थानीय मान पूर्ण संख्याओं से किस प्रकार भिन्न होता है?आंशिक उत्तर।
5दशमलव की अवधारणा, दशांश और इसके विस्तार को हम कैसे समझ सकते हैं?समस्यात्मक (मौन)।

उद्देश्य कथन

“बच्चों, आज हम गणित के अंतर्गत ‘दशमलव’ प्रकरण के माध्यम से यह सीखेंगे कि कैसे छोटी इकाइयों को दशमलव बिंदु की सहायता से व्यक्त किया जाता है और स्थानीय मान सारणी में इनका क्या स्थान होता है।”


प्रस्तुतीकरण (Presentation)

शिक्षण बिन्दुछात्राध्यापक क्रियाएँविद्यार्थी क्रियाएँश्यामपट्ट कार्य
1. दशमलव की अवधारणा और दशांशविकासात्मक प्रश्न:
1. एक इकाई के 10 बराबर भाग करने पर एक भाग क्या कहलाता है?
2. 1/10 को दशमलव में कैसे लिखेंगे?
3. दशमलव बिंदु के ठीक दाईं ओर वाले स्थान का नाम क्या है?
1. दशांश (One-Tenth)।

2. 0.1

3. संभावित उत्तर।
दशमलव: – 1/10 = 0.1 (दशांश) – 1/100 = 0.01 (शतांश)
छात्राध्यापक कथन: जब हम किसी एक पूर्ण वस्तु को दस बराबर भागों में बाँटते हैं, तो प्रत्येक भाग ‘दशांश’ कहलाता है। इसे भिन्न में 1/10 और दशमलव में 0.1 लिखते हैं। यहाँ बिंदु को ‘दशमलव बिंदु’ कहा जाता है, जो पूर्ण संख्या वाले भाग को दशमलव वाले भाग से अलग करता है। दशमलव के दाईं ओर बढ़ने पर संख्या का मान दस गुना कम होता जाता है।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे।
बोध प्रश्न:
1. दशमलव के दाईं ओर पहले स्थान को क्या कहते हैं?
2. 5/10 को दशमलव में लिखिए।
उत्तर:
1. दशांश।  

2. 0.5
2. दशमलव संख्याओं का स्थानीय मानविकासात्मक प्रश्न:
1. संख्या 12.3 में 2 किस स्थान पर है?
2. दशमलव बिंदु के बाईं ओर पहला स्थान क्या होता है?
3. दशमलव के बाद दूसरे स्थान (शतांश) का मान क्या होगा?
1. इकाई के स्थान पर।

2. इकाई।

3. संभावित उत्तर।
स्थानीय मान: दहाई(10)
छात्राध्यापक कथन: स्थानीय मान सारणी में, जैसे-जैसे हम दाईं ओर जाते हैं, हर अगला स्थान पिछले स्थान का 1/10 होता है। इकाई के दाईं ओर दशमलव बिंदु लगाकर हम ‘दशांश’ (1/10), ‘शतांश’ (1/100) और ‘सहस्रांश’ (1/1000) को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, 25.3 में 2 दहाई है, 5 इकाई है और 3 दशांश के स्थान पर स्थित है।छात्र मुख्य बिंदु लिखेंगे।
बोध प्रश्न:
1. संख्या 0.07 में 7 का स्थानीय मान क्या है?
2. 1/100 को दशमलव रूप में क्या कहेंगे?
उत्तर:
1. शतांश (7/100)।

2. 0.01
3. भिन्न और दशमलव का रूपांतरणविकासात्मक प्रश्न:
1. दशमलव 0.5 को भिन्न में कैसे बदलेंगे?  
2. 1/2 को दशमलव में बदलने के लिए हर को क्या बनाना पड़ेगा?  
3. 2.4 को मिश्रित भिन्न के रूप में कैसे लिखेंगे?
1. 5/10 करके।

2. 10 (या 10 की घात)।

3. संभावित उत्तर।
रूपांतरण: – 0.8 = 8/10 = 4/5   – 2/5 = 4/10 = 0.4
छात्राध्यापक कथन: किसी दशमलव संख्या को भिन्न में बदलने के लिए हम दशमलव बिंदु हटाकर हर (Denominator) में 1 के आगे उतने शून्य लगाते हैं जितने दशमलव के बाद अंक थे। जैसे 0.75 = 75/100। इसी प्रकार, भिन्न को दशमलव में बदलने के लिए हम अंश को हर से भाग देते हैं या हर को 10, 100 या 1000 बनाकर आसानी से दशमलव बिंदु लगा सकते हैं।छात्र चर्चा में भाग लेंगे।
बोध प्रश्न:
1. 0.2 को सरलतम भिन्न में बदलिए।
2. 3/10 को दशमलव में क्या कहेंगे?
उत्तर:
1. 1/5

2. 0.3

मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)

A. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. संख्या 15.24 में 4 का स्थानीय मान क्या है?

(अ) दहाई (ब) दशांश (स) शतांश (द) इकाई

  1. 7/100 का दशमलव रूप निम्नलिखित में से कौन सा है?

(अ) 0.7 (ब) 0.07 (स) 0.007 (द) 7.0

B. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए:

  1. दशमलव बिंदु के ठीक दाईं ओर वाले स्थान को …………………….. कहा जाता है।

C. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:

  1. ‘दशमलव’ शब्द की परिभाषा दीजिए।
  2. संख्या 5.8 को शब्दों में लिखिए। (उत्तर: पाँच दशमलव आठ)

गृहकार्य (Homework)

  1. स्थानीय मान सारणी बनाकर निम्नलिखित संख्याओं को उसमें अंकित कीजिए: (i) 12.5 (ii) 0.67 (iii) 105.03
  2. 5 रुपये 75 पैसे और 12 किमी 500 मीटर को दशमलव रूप में व्यक्त कीजिए।

पर्यवेक्षक टिप्पणी…

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